Sucess Story: 6वीं क्लास में फेल हुई लड़की ने लहराया परचम, UPSC परीक्षा में पूरे भारत में दूसरा स्थान हासिल कर बनी IAS
IAS Rukmani Riar: UPSC सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में गिनी जाती है। हर साल लाखों छात्र IAS बनने का सपना देखते हैं, लेकिन कामयाबी कुछ ही को मिलती है। ऐसे में IAS रुक्मणी रियार की सफलता की कहानी एक मिसाल है। इन्होंने बिना कोचिंग और पहले ही प्रयास में UPSC क्लियर किया और पूरे देश में दूसरी रैंक हासिल की।

Sucess Story: UPSC सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में गिनी जाती है। हर साल लाखों छात्र IAS बनने का सपना देखते हैं, लेकिन कामयाबी कुछ ही को मिलती है। ऐसे में IAS रुक्मणी रियार की सफलता की कहानी एक मिसाल है। इन्होंने बिना कोचिंग और पहले ही प्रयास में UPSC क्लियर किया और पूरे देश में दूसरी रैंक हासिल की।
6वीं क्लास में हुई थीं फेल
आईएएस रुक्मणी रियार ने प्रयास में यूपीएससी परीक्षा पास की और पूरे भारत में दूसरा स्थान (AIR 2) हासिल किया। उनका सफर इसलिए खास रहा क्योंकि उन्होंने कभी ट्रेनिंग नहीं की थी और 6वीं क्लास में भी फेल हो गई थीं।
IAS रुक्मणी रियार की पढ़ाई
रुक्मणी ने अपनी स्कूली शिक्षा गुरदासपुर और फिर डलहौजी के सेक्रेड हार्ट स्कूल में की। 6वीं क्लास में फेल होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और कड़ी मेहनत जारी रखी। उन्होंने गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर से स्नातक किया। बाद में उन्होंने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS), मुंबई से मास्टर्स किया।
इंटर्नशिप

स्वामित्व के बाद रुक्मणी ने मैसूर के आशोदा और मुंबई के अन्नपूर्णा महिला मंडल जैसे एनजीओ के साथ इंटर्नशिप की। यहां काम करते हुए उन्होंने समाज की समस्याओं को साफ देखा और तय किया कि सिविल सेवा में जाकर बदलाव लाना है।
बिना कोचिंग पूरे भारत में दूसरा स्थान

उन्होंने ट्रेनिंग नहीं की, बल्कि खुद से पढ़ाई की। यूपीएससी के लिए एनसीईआरटी की किताबें पढ़ीं। इसी के बलबूते आईएएस रुक्मणी रियार ने प्रयास में यूपीएससी परीक्षा पास की और पूरे भारत में दूसरा स्थान (AIR 2) हासिल किया। रोजाना अखबार और करंट अफेयर्स मैगजीन पढ़ना उनकी आदत बन गई और यही उनकी सफलता का आधार बना।












